500 कर्मचारी एक झटके में बने करोड़पति: फ्रेशवर्क्स की अमेरिकी शेयर बाजार में हुई लिस्टिंग, 76% कर्मचारियों के पास हैं कंपनी के शेयर्स
76% कर्मचारियों के पास शेयर्स हैं
कंपनी के 76% कर्मचारियों के पास शेयर्स हैं। 76% का मतलब 4,300 कर्मचारियों के पास शेयर्स हैं। जो 500 कर्मचारी करोड़पति बने हैं, उसमें से 70 कर्मचारियों की उम्र 30 साल से कम है। ये कर्मचारी कुछ साल पहले ही कॉलेज से डिग्री हासिल करने के बाद कंपनी से जुड़ गए थे। कंपनी ने नवंबर 2019 में 3.5 अरब डॉलर के वैल्यू पर सिकोइया और एक्सेल जैसे निवेशकों से 15.4 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई थी।
अमेरिका में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट फर्म है
फ्रेशवर्क्स पहली भारतीय सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट फर्म है जो अमेरिकी नैस्डैक शेयर बाजार पर लिस्ट हुई है। कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का उपयोग वर्किंग कैपिटल, ऑपरेटिंग खर्च और अन्य खर्च के लिए करेगी। कंपनी कुछ रकम का उपयोग दूसरी कंपनी के अधिग्रहण पर भी करेगी।
2010 में कंपनी की हुई थी शुरुआत
फ्रेशवर्क्स की स्थापना चेन्नई में 2010 में हुई थी। इसका पहले नाम फ्रेशडेस्क था। 2017 में इसका नाम फ्रेशवर्क्स कर दिया गया। इसके पास 52,500 से ज्यादा ग्राहक हैं। इस कंपनी की लिस्टिंग के बाद से इस तरह की कई कंपनियां अब लिस्टिंग के लिए विदेशी बाजारों में जा सकती




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